सोमवार, 4 जनवरी 2016

साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना,

पठानकोट विशेष:

जब वो युद्ध में घायल हो जाता है तो अपने साथी से बोलता है :
 
“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना; 
यदि हाल मेरी माता पूछे तो, जलता दीप बुझा देना! 
इतने पर भी न समझे तो, दो आंसू तुम छलका देना!!"

“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना; 
यदि हाल मेरी बहना पूछे तो, सूनी कलाई दिखला देना!
इतने पर भी न समझे तो, राखी तोड़ देखा देना !!"

“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना; 
यदि हाल मेरी पत्नी पूछे तो, मस्तक तुम झुका लेना! 
इतने पर भी न समझे तो, मांग का सिन्दूर मिटा देना!!"

“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना; 
यदि हाल मेरे पापा पूछे तो, हाथो को सहला देना! 
इतने पर भी न समझे तो, लाठी तोड़ दिखा देना!!"

“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना; 
यदि हाल मेरा बेटा पूछे तो, सर उसका तुम सहला देना!
इतने पर भी ना समझे तो, सीने से उसको लगा लेना!!"

“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना; 
यदि हाल मेरा भाई पूछे तो, खाली राह दिखा देना! 
इतने पर भी ना समझे तो, सैनिक धर्म बता देना!!"



बस्सी बोले- कानून में इजाजत हो तो बलात्कारियों को मार देते गोली

दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बीएस
बस्सी ने सोमवार को बलात्कारियों से जुड़ा एक बड़ा बयान
दे डाला है. उन्होंने कहा कि अगर देश का कानून इजाजत दे तो
दिल्ली पुलिस बलात्कारियों को गोली मारने में
भी नहीं हिचकेगी.
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दिल्ली
पुलिस हर वक्त महिलाओं की सुरक्षा के लिए तत्पर
है. बस्सी ने कहा, 'हमें दूसरों की
तरह घड़ियाली आंसू बहाना नहीं आता,
लेकिन हम हर वक्त महिलाओं की सुरक्षा के लिए
तैनात हैं.'
'हमें ड्रामेबाजी की फिक्र
नहीं'
दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए बस्सी
ने कहा कि वह युवा पुलिस अधिकारियों से रिक्वेस्ट करते हैं कि वे
आगे बढ़कर महिला सुरक्षा के मुद्दों को देखें और अमल पर लाएं
क्योंकि उन्हें सरकार से किसी तरह की
मदद की अपेक्षा नहीं है और ना
ही वो ड्रामेबाजी की फिक्र
करते. उन्होंने कहा, 'यह दिल्ली लोगों का सौभाग्य
है कि पुलिस दिल्ली सरकार के अधीन
नहीं है.'
ऑनलाइन मिलेगी जानकारी
बीएस बस्सी ने कहा कि पुलिस को और
स्मार्ट बनाने के उद्देश्य से पुलिस क्लीयरेंस
सर्टिफिकेट ऑनलाइन मिलेगा. साथ ही पुलिस रिकॉर्ड के
लिए स्मार्ट एप और ट्रैफिक प्रहरी एप
भी लॉन्च किया. लड़कियों की मदद के लिए
हिम्मत एप लॉन्च किया गया. बस्सी ने बताया कि अब
किसी भी शिकायत की
डीटेल ऑनलाइन मिलेगी और
उसकी जांच की डीटेल
भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी.
'अपराध को जड़ से खत्म करना है मकसद'
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर
उन्होंने कहा कि 16 जनवरी 2015 को महिला
टैक्सी की शुरुआत की गई,
ताकि महिलाएं ज्यादा सुरक्षित महसूस कर सकें. अपराधियों के
पीछे भागने से अच्छा है कि अपराध को जड़ से खत्म
किया जाए.

लोकप्रिय पोस्ट