असहिष्णुता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
असहिष्णुता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 3 फ़रवरी 2016

एक्टर इरफान खान बोले- किसी भी मुद्दे पर राय देना हमारा भी हक,

अभिनेता इरफान खान का मानना है कि जानी-
मानी शख्सियतें भी इस देश के हिस्सा हैं
और उन्हें राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी राय
व्यक्त करने का अधिकार है। इरफान, असहिष्णुता के बहस में
शामिल होने वाले नये सितारे हैं और उन्होंने कहा है कि
प्रगतिशील समाज के लिए किसी एक का
मुंह बंद करना कोई स्वस्थ संकेत नहीं है। बुधवार
रात यहां पर एनडीटीवी इंडिया
के इंडियन ऑफ द ईयर अवॉर्ड के दौरान उन्होंने कहा, ‘‘मुझे
यह काफी अजीब लगता है जब कुछ
लोग कहते हैं कि अभिनेताओं को अभिनय करना चाहिए और
उन्हें मुद्दों पर अपना विचार व्यक्त नहीं करना
चाहिए। हर किसी को अपने दिमाग से बोलने और चिंता
व्यक्त करने का अधिकार है। अगर आप चुप रहने के लिए
कहते हैं तब यह एक प्रगतिशील और स्वस्थ्य
समाज के लिए अच्छा संकेत नहीं है।’’
‘लाइफ ऑफ पाई’ के 49 वर्षीय अभिनेता का मानना है
कि विचार व्यक्त करना व्यक्तिगत रुख होता है और अगर कोई
अपना विचार व्यक्त नहीं करता है तो यह अच्छा
है। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक व्यक्तिगत मामला है। कुछ लोगों
को प्रतिक्रिया व्यक्त करने की प्रवृत्ति
होती है जबकि कुछ लोगों में नहीं
होती है।’’
इरफान ने कहा, ‘‘जब एंग ली यहां आए तो उनसे
उनके देश की राजनीति के बारे में पूछा गया।
और उन्होंने कहा कि वह राजनीति पर
नहीं बात करते हैं। यह मुद्दा (असहिष्णुता) खबरों
में रहा है। हम जो कहना चाहते हैं, उसे कहने में सुरक्षित
महसूस करना चाहिए। हमें खुद को अभिव्यक्त करने में आजाद
होना चाहिए।’’

शनिवार, 23 जनवरी 2016

शाहरुख, आमिर अभिनय करें तो बेहतर, वरना अंजाम के लिए रहें तैयार:उमा भारती

नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री उमा
भारती ने शाहरुख खान और आमिर खान को
चेतावनी दी है। उन्होंने इन
फिल्म अभिनेताओं को चेताते हुए कहा कि 'अगर वे
राजनीति के इरादे से विचारधारा से संबंधित कोई
बयान देते हैं तो उन्हें दूसरे पक्ष की ओर
से प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना होगा।'
मालूम हो कि इन दोनों अभिनेताओं ने हाल ही
में देश के अंदर बढ़ रहे असहिष्णुता के माहौल
की आलोचना की थी।
इसके बाद शाहरुख और आमिर, दोनों के खिलाफ
बीजेपी, संघ व इन संगठनों के
सहयोगियों ने मोर्चा खोल दिया था।
एबीपी न्यूज शो की
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उमा ने कहा, 'आमिर,
शाहरुख, सैफ अली खान और 4-5 अभिनेता
हैं। मैं इनके बारे में एक चीज जरूर कहना
चाहूंगी। अगर एक अभिनेता, अभिनेता बना
रहता है तो सब उसे पसंद करते हैं। सभी
राजनैतिक विचाराधाराओं के लोग भी उन्हें पसंद
करते हैं, लेकिन जब आप राजनीति के इरादे
से विचारधारा से जुड़ा कोई बयान देते हैं तो आपको
भी प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना होगा। यह
मत कहिए कि मेरे पास बोलने का अधिकार है, क्योंकि
ऐसी स्थिति में दूसरे पक्ष के पास
भी प्रतिक्रिया का अधिकार होता है।'
हालांकि शाहरुख व आमिर का नाम हालिया विवादों में सामने
आया था, लेकिन सैफ को लेकर बीते दिनों में कोई
इस तरह का विवाद नहीं हुआ। ऐसे में
यह साफ नहीं है कि उमा भारती
ने अपनी टिप्पणी में सैफ का नाम
क्यों लिया। सैफ की शादी फिल्म
अभिनेत्री करीना कपूर से हुई
है। बीते नवंबर में एक सवाल का जवाब देते
हुए करीना ने असहिष्णुता के विरोध में अपना
सम्मान लौटाने वाले साहित्यकारों व फिल्मकारों के प्रति
असमर्थन जताया था।
उमा ने हालांकि इस कार्यक्रम में आगे यह
भी साफ किया कि वह इन अभिनेताओं पर
नरेंद्र मोदी सरकार को बदनाम करने
की कोशिश करने का आरोप नहीं
लगा रही हैं। उन्होंने कहा, 'इतना जरूर है
कि उनके शब्दों से भारत की
अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा है।'
फिल्मी कलाकारों की
सीमा तय करने के अंदाज में उमा ने कहा कि
अभिनेता-अभिनेत्रियों को या तो अभिनय करना चाहिए या फिर
सामाजिक कार्य करने चाहिए। उन्होंने इस सिलसिले में
एंजेलिना जॉली का भी नाम लिया।
ऐसा नहीं करने की स्थिति में
उन्होंने चेतावनी दी, 'लेकिन
अगर आप अभिनेता ही रहना चाहते हैं
और चाहते हैं कि लोग आपको पसंद करें तो एक
ही समय में अपनी आलोचना के
प्रति नफरत दिखाने और खुद के लिए अभिव्यक्ति
की आजादी मांगते समय आपको
समझना होगा कि आपको एक साथ ये तीनों
चीजें नहीं मिल
सकती हैं।'
कार्यक्रम में कुछ बीजेपी
नेताओं, जैसे- निरंजन ज्योति, साक्षी महाराज,
साध्वी प्राची आदि द्वारा दिए गए
सांप्रदायिक व विवादास्पद बयानों के मानिंद पूछे जाने पर उमा
ने कहा, 'ये लोग हमारे करीबी
हैं। मैं उनके बारे में इस तरह किसी
सार्वजनिक मंच पर कुछ नहीं कहना
चाहूंगी।'
मोदी के साथ अपने विरोधों के बारे में उन्होंने
कहा, 'जब मैंने गुजरात के तत्कालीन
मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी
की आलोचना की थी,
उस दौरान मैं बीजेपी में
नहीं थी। मैं उस समय
अपनी अलग पार्टी
की मुखिया थी। मैंने 2007 के
गुजरात विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार
खड़े करने का भी फैसला किया था, लेकिन फिर
जब मैंने राज्य में चौतरफा विकास देखा तो मैंने अपने
उम्मीदवारों को और मोदी
की आलोचना में कहे गए अपने शब्दों को
वापस ले लिया।' मालूम हो कि उमा भारती को
साल 2005 में बीजेपी से निलंबित
कर दिया गया था। लालकृष्ण आडवाणी के साथ
उनके मतभेद को इसका कारण बताया गया था। 6 साल बाद
वह फिर से बीजेपी में शामिल हो
गई थीं।
बिहार के मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार द्वारा
बीजेपी को अयोध्या के राम मंदिर के
निर्माण के संबंध में एक तारीख घोषित करने के
लिए दी गई चुनौती पर किए गए
सवाल को टालते हुए उमा ने कहा, 'अगर
नीतीस कुमार और मुलायम सिंह
यादव लोगों को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए
राजी करने के काम का नेतृत्व करते हैं तो
मुझे बहुत खुशी होगी। राम
मंदिर इस पूरे देश का संकल्प है और यह जरूर पूरा
होगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि वह पहले
'फायरब्रैंड' थीं, लेकिन अब वह 'वॉटरब्रैंड'
हो गई हैं। उन्होंने कहा, 'गंगा को साफ करने
की इतनी बड़ी और
आध्यात्मिक चुनौती ने मेरे अंदर
काफी शांति भर दी है। मैं एक
मकसद के साथ काम कर रही हूं।' उन्होंने
कहा कि गंगा को दूषित करने में सबसे ज्यादा योगदान
औद्योगिक कचरे का है, ना कि धार्मिक कर्मकांड और
मृतकों की अस्थि व राख बहाने
जैसी हिंदू परंपराएं।

मंगलवार, 5 जनवरी 2016

असहिष्णुता विवाद: आमिर खान से पूछताछ करेगी पुलिस

नया साल आमिर खान के लिए मुश्किलें लेकर आया
है. बीते साल असहिष्णुता पर दिए गए आमिर के
बयान पर छत्तीसगढ़ पुलिस उनसे पूछताछ करेगी.
रायपुर में आमिर के असहिष्णुता पर दिए गए बयान पर
निचली अदालत में एक शिकायत दायर की गई थी.
इस शिकायत पर सुनवाई करते निचली अदालत ने
पुलिस को आदेश दिया है कि आमिर खान से
पूछताछ करें.
बताया जा रहा है अदालत के आदेश के बाद
छत्तीसगढ़ की पुरानी बस्ती पुलिस मामले की जांच
के लिए मुंबई जाएगी और वहां आमिर खान का
बयान दर्ज कर रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी. अदालत
ने इसके लिए 15 फरवरी तक का समय दिया है.
गौरतलब है कि पिछले दिनों असहिष्णुता को लेकर
देशभर में काफी बवाल मचा. कई बड़ी हस्तियों ने
बयान दिए थे.
फिल्म अभिनेता आमिर खान ने भी एक कार्यक्रम
के दौरान असहिष्णुता को लेकर बयान दिया था.
इस बयान को लेकर अधिवक्ता दीपक दीवान ने
न्यायिक मजिस्ट्रेट विनय प्रधान की अदालत में
शिकायत दायर कर आमिर खान के खिलाफ
आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी.
मंगलवार को शिकायतकर्ता की ओर से दो
साक्ष्यों आलोक दत्त झा और देवेन्द्र सलूजा का
अदालत में बयान लिया गया, जिसके बाद अदालत ने
जांच का जिम्मा पुलिस को सौंपा है.
शिकायत करने वाले शख्स का कहना है कि आमिर के
बयान से सामाजिक सौहार्द और प्रेम के वातावरण
पर प्रतिकूल असर पड़ा है और विभिन्न धार्मिक और
जातीय समुदायों के बीच दुश्मनी की भावना पैदा
हो रही है, जिससे वे आहत हैं इसलिए आमिर खान के
खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जाए.

बुधवार, 25 नवंबर 2015

विरोध धर्म देख कर हो रहा है

आमिर के बयान के बाद असहनशीलता विरोधी और सहनशीलता समर्थक आपस में भिड़ गये हैं आपने ऐसे कई नेताओं के बयान सुने होंगे जो सरकार में मंत्री हैं, सासंद हैं और नेता भी हैं जो कई संदर्भों में पाकिस्तान भेजने की बात कर चुके हैं। अब कौन तय करेगा कि भारत की बदनामी किससे होती है
जनवरी 2013 में 'विश्वरूपम' फिल्म के रीलीज होने पर हंगामा हुआ तो अभिनेता कमल हसन ने कहा था, 'मैं एक कलाकार हूं। मेरा किसी धर्म के प्रति कोई झुकाव नहीं है। न तो मैं लेफ्ट हूं न राइट हूं। मैं फेड अप हो चुका हूं। मुझे नहीं पता क्या चल रहा है। मैं किसी दूसरे राज्य में सेकुलर प्लेस की तलाश में हूं। अगर कुछ दिनों में वो जगह नहीं मिली तो मैं बाहर के सेकुलर मुल्क में चला जाऊंगा।'
तब किसी ने नहीं कहा कि कमल हसन के इस बयान से भारत की बदनामी हो गई। असहनशीलता नहीं होती तो प्रधानमंत्री की आलोचना करने पर अरुण शौरी के बेटे को क्यों निशाना बनाया गया। क्या हमें इस प्रवृत्ति पर खुलकर बात नहीं करनी चाहिए। क्या यही असहनशीलता नहीं है कि देश की बदनामी हो रही है। देश में असहनशीलता बढ़ रही है इस बात से बदनामी कैसे हो जाती है।

लोकप्रिय पोस्ट