रविवार, 15 नवंबर 2015

ये कैसी है "मन की बात"

***ये कैसी है उसके 'मन की बात'***
वो दाल पे नहीं बोलता
वो प्याज पे नहीं बोलता
वो व्यापम घोटाले पे नही बोलता
वो फर्जी डिग्री हलफनामे पे नहीं बोलता
वो नेताओ की बढ़ती बेशुमार दौलत पे नहीं बोलता
वो महंगाई पे नहीं बोलता
वो दलितों पे अत्याचार पे नहीं बोलता
वो हत्याओं पे नहीं बोलता
वो बलात्कारों पे नहीं बोलता
वो दंगो पे नहीं बोलता
वो किसान आत्महत्याओं पे नहीं बोलता
वो मरते जवानो पे नहीं बोलता
वो रिकार्ड तोड़ सिसफायर पे नहीं बोलता
वो कश्मीर में लहराते isi और पाकिस्तान के जंडे पे नहीं बोलता
वो शिक्षा पे नहीं बोलता
वो स्वास्थ्य पे नहीं बोलता
वो भ्रष्टाचार पे नहीं बोलता
वो राइट टू इन्फ़ॉर्मेशन पे नहीं बोलता
वो समान पद समान पेंशन पे नहीं बोलता
वो बुलेट ट्रेन पर नहीं बोलता
वो महंगी दवाईयां पे नहीं बोलता
वो हॉस्पिटल में महंगे इलाज पे नहीं बोलता
वो स्कूल-कॉलेज की बेतहाशा महंगी पढ़ाई फ़ीस पे नहीं बोलता
वो कार, होम लोन 8% और Education लोन 14%पे नहीं बोलता
वो हमारे दम तोड़ते उद्योगों पे नहीं बोलता
वो बिगड़ते पर्यावरण पे नहीं बोलता
वो वर्ल्ड में सस्ता देश में महंगा पेट्रोल-डीज़ल, क्रूड ऑइल पे नहीं बोलता
वो चाइना की कारस्तानी पे नहीं बोलता
वो अपने पड़ोसियों से बिगड़ते संबंधो पे नहीं बोलता
वो बिगड़ती विदेश निती पे नहीं बोलता
वो बिगड़ती अर्थव्यवस्ता पे नहीं बोलता
वो चरमराती बिगड़ती सरकारी व्यवस्थाओ पे नहीं बोलता
वो गरीब मज़दूर की रोजी-रोटी मनरेगा पे नहीं बोलता
वो बिगड़ता व्यवसाय पे नहीं बोलता
वो 1 करोड़ सालाना छात्रो को रोजगार देने पे नहीं बोलता
वो देश भर में लोकायुक्त हो पे नहीं बोलता

लेकीन

वो रेडीयो पर बोलता है..
वो विदेश में जा कर बोलता है...
वो चुनाव प्रचार में बोलता है..
ये कैसी है उसके 'मन की बात' ??
आप भी कुछ मत बोलना

शुक्रवार, 13 नवंबर 2015

It Happens only in india

बिजली महंगी है, चाँदनी रातों में लाईट ना जलाओ,
दाल महंगी है, कम खाओ वर्ना बीमार हो जाओगे,
प्याज महँगा है, तो प्याज का पेस्ट इस्तेमाल करो
काले-धन पर सवाल करोगे, तो गाली तो मिलेगी ही
संविधान में सर्वधर्म समान है, पर मुल्ले पाकिस्तानी हैं
पहले नारी सुरक्षा जरूरी थी, अब "तड़ीपारी" सुरक्षा जरूरी है
गाय हमारी माता है, पर बीफ खाना "जीवन-पद्धति है"
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो, क्योंकि बीफ-एक्सपोर्ट में हम नंम्बर 1 हैं
अगर महँगाई है, तो सहो, वरना तुम देशद्रोही हो,
पहले विदेशी कंपनियाँ चोर थीं, अब विकास में सहभागी हैं
कोई सवाल मत पूछना लोकतंत्र में, वर्ना तुम गद्दार हो, असहिष्णु हो..........
"इट हैप्पन्स ओनली इन इंडिया"

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